सावन में हरी चूड़ियाँ क्यों पहनते हैं? 

17th  july 2025

lifeofindian

सावन में महिलाएं हरी चूड़ियाँ क्यों पहनती हैं?  

lifeofindian

इसका संबंध केवल परंपरा से नहीं, बल्कि मन, स्वास्थ्य और सौभाग्य से भी है। 

lifeofindian

जानिए इस अद्भुत रिवाज़ के पीछे के धार्मिक और वैज्ञानिक कारण। 

lifeofindian

सावन में हरी चूड़ियाँ सिर्फ सजावट नहीं, एक शुभ संकेत हैं! जानिए क्यों हर स्त्री पहनती है हरियाली का ये प्रतीक  

lifeofindian

हरा रंग हरियाली, समृद्धि और जीवन का प्रतीक होता है महिलाएं हरी चूड़ियाँ पहनकर अपने और परिवार के कल्याण और दीर्घायु की कामना करती हैं

lifeofindian

शुभता और सौभाग्य का प्रतीक 

सावन भगवान शिव का पावन महीना है  माता पार्वती को हरा रंग प्रिय है  हरी चूड़ियाँ पहनना उन्हें प्रसन्न करता है

lifeofindian

भगवान शिव और पार्वती को प्रिय रंग 

विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए पहनती हैं यह मंगलता का प्रतीक माना जाता है

lifeofindian

वैवाहिक सुख और पति की लंबी उम्र के लिए 

हरा रंग मन को शांत करने वाला होता है  यह तनाव कम करता है, दिल को ठंडक देता है  हरे रंग की चूड़ियाँ पहनने से नेगेटिव एनर्जी दूर होती है

lifeofindian

प्राकृतिक ऊर्जा और मानसिक संतुलन 

आयुर्वेद में हरा रंग हृदय और लिवर के लिए लाभकारी माना जाता है।  हथेलियों में चूड़ी के घर्षण से रक्तसंचार बढ़ता है यह महिलाओं के हार्मोन संतुलन में सहायक होता है

आयुर्वेद और विज्ञान से जुड़ी मान्यता 

lifeofindian

सावन में हरी चूड़ियाँ पहनना एक परंपरा है, जो सौंदर्य के साथ-साथ स्वास्थ्य, मनोबल और आध्यात्मिक ऊर्जा से जुड़ी हुई है। 

lifeofindian

हर चूड़ी एक कामना है — प्रेम, समृद्धि और शक्ति की। 

lifeofindian