उत्तर भारत के हृदय में स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर, भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
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यह मंदिर मोक्ष का द्वार माना जाता है — जहां मृत्यु भी मुक्ति देती है।
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जहां मृत्यु नहीं, मोक्ष मिलता है — वही है काशी विश्वनाथ का धाम सावन में शिवभक्तों का सबसे पवित्र तीर्थ।
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काशी विश्वनाथ: मोक्ष का मार्ग, शिव का धाम" (स्थान: वाराणसी, उत्तर प्रदेश)
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– काशी को स्वयं भगवान शिव ने अपनी नगरी कहा– ब्रह्मा और विष्णु के विवाद में शिव ने यहां ज्योतिर्लिंग प्रकट किया– यह शिवलिंग 'विश्वनाथ' कहलाया — अर्थात 'संपूर्ण ब्रह्मांड के स्वामी'
पौराणिक कथा
– मूल मंदिर का उल्लेख स्कंद पुराण में मिलता है– 18वीं शताब्दी में रानी अहिल्याबाई होल्कर द्वारा पुनर्निर्माण– 2021 में भव्य "काशी कॉरिडोर" का निर्माण
मंदिर का इतिहास
– माना जाता है, यहां मृत्यु होने पर सीधे मोक्ष प्राप्त होता है– महाशिवरात्रि, सावन सोमवार, कार्तिक पूर्णिमा को विशेष भीड़– "काशी के कंकर-कंकर में शिव हैं"
आध्यात्मिक महत्व
– मंदिर गंगा तट से कुछ ही दूरी पर स्थित– श्रद्धालु गंगा स्नान के बाद शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं– यह यात्रा आत्मशुद्धि और तप का प्रतीक मानी जाती है
गंगा और विश्वनाथ
काशी विश्वनाथ के दर्शन मात्र से जीवन का कल्याण संभव है। सावन में एक बार जरूर जाएं इस परम धाम में।
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