हरियाली तीज का महत्व 

17th  july 2025

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हरियाली तीज केवल एक त्यौहार नहीं, बल्कि स्त्री शक्ति, प्रेम और प्रकृति से जुड़ा आध्यात्मिक पर्व है।  

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जानिए इसका सांस्कृतिक, धार्मिक और भावनात्मक महत्व। 

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प्रकृति की गोद में प्रेम का उत्सव — हरियाली तीज  

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हरियाली तीज केवल एक व्रत नहीं, बल्कि नारीत्व, प्रकृति और प्रेम की अनूठी अभिव्यक्ति है। 

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हरियाली तीज सावन मास में मनाया जाता है, जब धरती हरियाली से भर जाती है यह त्यौहार प्रकृति, वर्षा और हरियाली का स्वागत है

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प्रकृति का उत्सव 

मान्यता है कि इस दिन देवी पार्वती को भगवान शिव ने पत्नी रूप में स्वीकार किया था यह दांपत्य प्रेम और समर्पण का प्रतीक है

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शिव-पार्वती के मिलन का पर्व 

महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी जीवन की कामना से व्रत रखती हैयह सौभाग्य का पर्व माना जाता है

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विवाहित महिलाओं के लिए विशेष 

अविवाहित लड़कियाँ अच्छे वर की प्राप्ति के लिए व्रत करती हैं। यह उन्हें आध्यात्मिक बल और मनोबल देता है

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कुंवारी कन्याओं के लिए भी शुभ 

महिलाएं मेंहदी लगाती हैं, झूला झूलती हैं, गीत गाती है। यह स्त्रियों के लिए सामाजिक जुड़ाव और सांस्कृतिक आत्मबल का अवसर होता है

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लोकगीत, झूले और श्रृंगार 

हरियाली तीज में हरा रंग शुभता और जीवन शक्ति का प्रतीक होता है महिलाएं हरे कपड़े, हरी चूड़ियाँ, और हरे श्रृंगार करती हैं

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हरा रंग और सौंदर्य 

महिलाएं शिव-पार्वती की पूजा करती हैं, व्रत रखती हैं यह त्यौहार धैर्य, भक्ति और शक्ति का संदेश देता है

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आध्यात्मिक साधना का दिन 

यह त्योहार हमें सिखाता है कि सौंदर्य, समर्पण और शक्ति — तीनों का मिलन ही जीवन को पूर्ण बनाता है। 

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