तुर्किए ने दिया पाकिस्तान को हथियार, भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में दिया करारा जवाब

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तुर्किए का छल, भारत का प्रहार — ऑपरेशन सिंदूर में सबक सिखाया!

तुर्किए का छल, भारत का प्रहार — ऑपरेशन सिंदूर में सबक सिखाया!

नई दिल्ली : जहां भारत ने मानवता के नाते तुर्किए को उसके सबसे भयावह भूकंप में ‘ऑपरेशन दोस्त’ चलाकर मदद दी थी, वहीं उसी तुर्किए ने पाकिस्तान का साथ देकर भारत की पीठ में छुरा घोंपा है। लेकिन भारत ने भी अपने दुश्मनों को करारा जवाब दिया है — ऑपरेशन सिंदूर के ज़रिए।

पाकिस्तान की शिकायत लेकर तुर्किए पहुंचा शहबाज, तुर्किए ने भेजे हथियार और ऑपरेटर

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कहा था:

“तुम्हें धरती के आखिरी छोर से भी निकाल बाहर करेंगे।”

इस चेतावनी से बौखलाया पाकिस्तान, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व में, मदद मांगने तुर्किए पहुंचा।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, तुर्किए के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने पाकिस्तान का खुला समर्थन किया और:

  • 350 ड्रोन की खेप भेजी

  • ड्रोन चलाने के लिए तुर्की मिलिट्री ऑपरेटर भी भेजे

भारत की जवाबी कार्रवाई: ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए तुर्किए के ऑपरेटर

भारत ने 7 मई को चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के तहत जब PoK में आतंकी ठिकानों को तबाह किया, तो इन ड्रोन्स के ऑपरेटर्स भी निशाने पर आ गए।
सूत्रों के अनुसार, भारत की सटीक स्ट्राइक में तुर्किए के दो मिलिट्री ऑपरेटर मारे गए, जो ड्रोन के ज़रिए भारत पर हमले में पाकिस्तान की मदद कर रहे थे।

किन हथियारों का किया गया था इस्तेमाल?

पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ तुर्किए के इन ड्रोन सिस्टम्स का इस्तेमाल किया:

  • Bayraktar TB2 (बायरकतर टीबी2)

  • YIHA ड्रोन

ये दोनों ड्रोन हाई-टेक सर्विलांस और अटैक कैपेसिटी के लिए मशहूर हैं, लेकिन भारत की रणनीति के आगे ये भी ध्वस्त हो गए।

‘ऑपरेशन दोस्त’ का धोखा

फरवरी 2023 में जब तुर्किए एक भीषण भूकंप से जूझ रहा था, भारत ही वह पहला देश था जिसने:

  • ‘ऑपरेशन दोस्त’ के तहत राहत सामग्री भेजी

  • NDRF की टीमें, मेडिकल सपोर्ट, भोजन और दवाइयां पहुँचाईं

  • सैकड़ों लोगों की जान बचाई

लेकिन उसी तुर्किए ने आज भारत विरोधियों को समर्थन देकर मानवता का विश्वास तोड़ा

तुर्किए का पक्ष: पाकिस्तान को दिया समर्थन

तुर्किए के राष्ट्रपति एर्दोगन ने सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के समर्थन में कहा:

“युद्धविराम से बना शांति का माहौल अन्य समस्याओं, विशेष रूप से जल मुद्दे के समाधान में मदद करेगा। इंशाअल्लाह, हम पाकिस्तान के साथ खड़े हैं।”

यह बयान भारत के लिए एक सीधी कूटनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

दोस्ती का धोखा, पर भारत का जवाब इतिहास में दर्ज

भारत ने तुर्किए को भी यह जता दिया कि

“हमारे हाथ मदद के लिए भी उठते हैं और जवाब देने के लिए भी!”

ऑपरेशन सिंदूर न सिर्फ आतंकियों के खिलाफ, बल्कि भारत के कूटनीतिक दुश्मनों के लिए भी एक चेतावनी है — भारत अब हर मोर्चे पर तैयार है।

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