Lunar eclipse blood moon: जानिए क्या है पूर्ण चंद्र ग्रहण और ब्लड मून?

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Lunar eclipse blood moon: आसमान में होने वाली खगोलीय घटनाएँ हमेशा से इंसानों को आकर्षित करती रही हैं। ऐसा ही एक अद्भुत नज़ारा 7 सितंबर 2025 की रात को देखने को मिलेगा, जब पूरा विश्व पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) और साथ ही ब्लड मून (Blood Moon) का गवाह बनेगा। यह वह क्षण होगा जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में समा जाएगा और ताँबे जैसा लाल रंग धारण कर लेगा।

पूर्ण चंद्र ग्रहण क्या होता है?

पूर्ण चंद्रग्रहण तब होता है जब:

  1. पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीध में आते हैं।

  2. सूर्य की सीधी रोशनी चंद्रमा तक नहीं पहुँच पाती।

  3. चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की गहरी छाया (उम्ब्रा) से होकर गुजरता है।

इस दौरान चंद्रमा कुछ समय के लिए बिल्कुल गायब हो जाता है या लाल रंग का दिखाई देता है।

ब्लड मून क्यों दिखता है?

चंद्रमा के लाल दिखाई देने के पीछे विज्ञान है:

  • सूर्य की किरणें जब पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरती हैं तो उनमें अपवर्तन और प्रकीर्णन (refraction & scattering) होता है।

  • नीली और हरी रोशनी (छोटी तरंगदैर्घ्य) बिखरकर वायुमंडल में ही छिटक जाती हैं।

  • जबकि लाल और नारंगी रोशनी (लंबी तरंगदैर्घ्य) वायुमंडल से होकर गुजरती हैं और चंद्रमा की सतह पर पड़ती हैं।

  • यही कारण है कि ग्रहण के समय चंद्रमा हमें लाल या ताँबे के रंग का दिखाई देता है, जिसे ब्लड मून कहा जाता है।

7 सितंबर 2025 का पूर्ण चंद्र ग्रहण – कब और कहाँ दिखेगा?

  • तारीख: 7 सितंबर 2025

  • ग्रहण शुरू: रात 9:57 बजे (भारतीय समयानुसार)

  • पूर्ण ग्रहण (ब्लड मून): रात 10:55 बजे से 12:17 बजे तक

  • ग्रहण समाप्त: रात 1:26 बजे

  • कुल अवधि: लगभग 3 घंटे 29 मिनट

  • पूर्ण अवस्था: लगभग 82 मिनट तक

यह ग्रहण एशिया, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, अफ्रीका, नॉर्थ अमेरिका और साउथ अमेरिका के कुछ हिस्सों से दिखाई देगा। भारत में भी यह पूर्ण रूप से दिखाई देगा।

धार्मिक मान्यताएँ और सूतक काल

हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण का विशेष महत्व माना जाता है।

  • ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले सूतक काल प्रारंभ हो जाता है।

  • इस दौरान पूजा-पाठ, भोजन पकाना, मंदिरों के कपाट खोलना वर्जित माना जाता है।

  • गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

  • ग्रहण के समय मंत्र जाप और ध्यान करने से पुण्य फल प्राप्त होता है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण

वैज्ञानिकों के लिए यह घटना चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच के संबंधों को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। खगोलविद इस समय वायुमंडल के व्यवहार, प्रकाश के प्रकीर्णन और चंद्रमा की सतह पर पड़ने वाले असर का अध्ययन करते हैं।

ब्लड मून को लेकर रोचक तथ्य

  1. ब्लड मून साल में 2–3 बार ही दिखाई देता है।

  2. इसे देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की ज़रूरत नहीं होती, नग्न आँखों से आसानी से देखा जा सकता है।

  3. इसे लेकर दुनियाभर में कई तरह की धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताएँ जुड़ी हैं – कहीं इसे शुभ माना जाता है, तो कहीं इसे प्राकृतिक चेतावनी।

  4. आधुनिक विज्ञान इसे सिर्फ एक सुंदर खगोलीय घटना मानता है।

7 सितंबर 2025 का पूर्ण चंद्र ग्रहण और ब्लड मून एक ऐसा दृश्य होगा जिसे हर कोई देखना चाहेगा। यह न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि वैज्ञानिक और खगोलीय दृष्टिकोण से भी बेहद खास है। इसलिए इस रात को यादगार बनाने के लिए आसमान की ओर नज़र जरूर उठाइए, क्योंकि यह दृश्य कई सालों में एक बार ही देखने को मिलता है।

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