
Sharadiya Navratri 2025 Day 5: शारदीय नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। प्रखंड क्षेत्र के लगभग दो दर्जन से अधिक स्थानों पर श्रद्धालुओं ने भक्ति और उत्साह के साथ मां की आराधना की। कई जगहों पर पूजा-पंडाल सजाए गए, जहां सुबह से ही मंत्रोच्चार, जप, आरती और दुर्गा सप्तशती का पाठ होता रहा।
शनिवार को प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में भक्तों ने मां स्कंदमाता की पूजा कर सुख-समृद्धि, शांति और संतान सुख की कामना की। भक्तों ने पीले और सुनहरे रंग के वस्त्र पहनकर मां की आराधना की और जगह-जगह भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिमय हो गया।
पंडित अवधेश ठाकुर ने बताया कि मां स्कंदमाता भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता हैं और उनका स्वरूप करुणा और ममता का प्रतीक है। मां सिंह पर सवार होती हैं और उनकी गोद में बाल स्कंद विराजमान रहते हैं। मान्यता है कि इस दिन मां की पूजा करने से संतान सुख, बुद्धि और वैभव की प्राप्ति होती है।
नवरात्र का पांचवां दिन भक्ति, श्रद्धा और उल्लास के माहौल में संपन्न हुआ। भक्तों ने मां स्कंदमाता से जीवन में सुख-शांति और शक्ति की कामना की।