Rain Havoc 2025: हिमाचल में 343 की मौत, दिल्ली में बाढ़ और पंजाब में तबाही

उत्तर भारत के कई राज्य इस समय भारी बारिश और बाढ़ की मार झेल रहे हैं। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। मूसलाधार बारिश से नदियाँ उफान पर हैं, भूस्खलन हो रहे हैं और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं।

हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और तबाही

  • कुल्लू जिले में लगातार बारिश से बड़ा भूस्खलन हुआ, जहाँ दो घर ढह गए।

  • एक व्यक्ति की मौत, तीन लोग सुरक्षित निकाले गए और छह लोग मलबे में दबे।

  • आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार, 1,292 सड़कें बंद, 95 बार अचानक बाढ़, 45 बार बादल फटना और 127 बड़े भूस्खलन दर्ज हुए।

  • 20 जून से अब तक 343 लोगों की मौत और 43 लोग लापता।

  • राज्य को लगभग 3,690 करोड़ रुपये का नुकसान

उत्तराखंड में बारिश और भूस्खलन

  • नैनीताल जिले में एक नाले में बहने से वन अधिकारी की मौत।

  • भूस्खलन के कारण 54 सड़कें बंद

  • बचाव कार्य लगातार बाधित, कई जगह गांव और कस्बे कटे।

दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के पार

  • यमुना नदी का जलस्तर 207.46 मीटर तक पहुँचा।

  • दिल्ली सचिवालय, कश्मीरी गेट और अन्य निचले इलाके जलमग्न।

  • 10,000 से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में भेजा गया।

  • बाढ़ का पानी मरघट वाले हनुमान मंदिर तक पहुँचा।

पंजाब में दशकों की सबसे बड़ी बाढ़

  • सतलुज, ब्यास और रावी नदियों के उफान से पंजाब में विनाशकारी बाढ़।

  • अब तक 37 लोगों की मौत और 3.55 लाख लोग प्रभावित

  • लगभग 1.75 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि की फसलें नष्ट

  • पंजाब सरकार ने सभी स्कूल और कॉलेज 7 सितंबर तक बंद करने के आदेश दिए।

जम्मू-कश्मीर में सड़क संपर्क ठप

  • जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य प्रमुख मार्ग बंद।

  • 26 अगस्त से 3,500 से ज्यादा वाहन फंसे

  • माता वैष्णो देवी मंदिर के पास भूस्खलन में 34 लोगों की मौत

  • जम्मू संभाग में रेल यातायात भी 9 दिनों से ठप।

उत्तर भारत में रिकॉर्ड बारिश

  • 22 अगस्त से 4 सितंबर तक उत्तर भारत में 205.3 मिमी बारिश, जो सामान्य से तीन गुना ज्यादा

  • इस अवधि में ही कुल मानसून का 35% हिस्सा दर्ज।

राहत अभियान जारी

  • पंजाब और हरियाणा में जल आपूर्ति बहाल करने और पानी निकालने के प्रयास तेज़।

  • राजस्थान सरकार ने विधायकों को प्रभावित क्षेत्रों में निरीक्षण के निर्देश दिए।

  • सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अनुसार, बाढ़ से 110 किमी सीमा बाड़ क्षतिग्रस्त और 90 से अधिक चौकियाँ जलमग्न।

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