QUAD Summit 2025: अमेरिका में जयशंकर की कूटनीति से पाकिस्तान बेनकाब, पहलगाम अटैक पर QUAD का सख्त बयान

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पहलगाम हमले पर क्वाड ने दिया सख्त संदेश, पाकिस्तान की 'लंच डिप्लोमेसी' को जयशंकर ने किया ध्वस्त!

पहलगाम हमले पर क्वाड ने दिया सख्त संदेश, पाकिस्तान की 'लंच डिप्लोमेसी' को जयशंकर ने किया ध्वस्त!

QUAD Summit 2025: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिर्फ जवाब नहीं दिया, बल्कि कूटनीति के मोर्चे पर भी पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर बेनकाब कर दिया है। वॉशिंगटन में आयोजित QUAD समिट 2025 के दौरान भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ऐसा कदम उठाया जिसने पाकिस्तान की हालिया ‘लंच डिप्लोमेसी’ को धराशायी कर दिया।

जहां हाल ही में पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसीम मुनीर ने अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ ‘हलाल डिनर’ करते हुए संदेश देने की कोशिश की, वहीं क्वाड मंच पर भारत ने सिर्फ मौजूदगी नहीं, बल्कि नेतृत्व करते हुए पाकिस्तान को आतंक के मुद्दे पर घेरा।

QUAD का करारा बयान – पाकिस्तान को लगा झटका

भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों की इस बैठक में पहलगाम आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की गई। संयुक्त बयान में साफ-साफ कहा गया:

“क्वाड सभी प्रकार के आतंकवाद, हिंसा और उग्रवाद के विरुद्ध है। हम 22 अप्रैल 2025 को भारत के जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की घोर निंदा करते हैं, जिसमें 25 भारतीय नागरिकों और 1 नेपाली नागरिक की मृत्यु हुई थी। हम दोषियों को न्याय दिलाने की मांग करते हैं और सभी देशों से अनुरोध करते हैं कि वे आतंकियों और उनके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई में सहयोग करें।”

यह बयान केवल संवेदना नहीं था, यह एक रणनीतिक संदेश था – जो सीधे पाकिस्तान की ओर इशारा कर रहा था।

डॉ. एस. जयशंकर की कूटनीति का असर

यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान ने पहलगाम अटैक के बाद अमेरिका में सहानुभूति जुटाने की कोशिश की।
लेकिन जयशंकर ने डिप्लोमैटिक तरीके से अमेरिका की ज़मीन से ही पाकिस्तान की रणनीति को विफल कर दिया।

उनकी उपस्थिति में क्वाड का संयुक्त बयान न केवल पाकिस्तान के लिए चेतावनी है, बल्कि यह वैश्विक समुदाय के समक्ष भारत की सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी और आतंक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति की पुनर्पुष्टि है।

ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान की हड़बड़ी

पहलगाम अटैक के जवाब में भारत पहले ही “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत कार्रवाई कर चुका है। इस ऑपरेशन से पाकिस्तान में खलबली मच गई। वहीं अब क्वाड के संयुक्त बयान ने पाकिस्तान को यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अकेला नहीं है – दुनिया उसके साथ है।

पाकिस्तान की कथित ‘हलाल लंच डिप्लोमेसी’ का जवाब भारत ने मजबूत डिप्लोमैटिक स्ट्राइक से दिया है। अमेरिका की धरती से ही जयशंकर ने दिखा दिया कि भारत अब सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं करता, नेतृत्व करता है। क्वाड का यह बयान एक साफ संदेश है – “आतंक कहीं से भी हो, बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

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