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PM 2.5 और द्वितीयक प्रदूषक: भारत में वायु प्रदूषण की अदृश्य चुनौती

द्वितीयक प्रदूषक पार्टिकुलेट मैटर (PM 2.5) प्रदूषण का एक तिहाई हिस्सा बनाते हैं।

द्वितीयक प्रदूषक पार्टिकुलेट मैटर (PM 2.5) प्रदूषण का एक तिहाई हिस्सा बनाते हैं।

भारत में वायु प्रदूषण का एक महत्वपूर्ण स्रोत PM 2.5 है, जिसमें से लगभग एक-तिहाई हिस्सा द्वितीयक प्रदूषकों से उत्पन्न होता है। विशेष रूप से अमोनियम सल्फेट जैसे यौगिक, जो SO₂ और NH₃ की प्रतिक्रियाओं से बनते हैं, इसके प्रमुख कारण हैं। प्राथमिक और द्वितीयक प्रदूषकों की प्रकृति, उत्पत्ति और स्वास्थ्य प्रभावों को समझना वायु गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक आवश्यक कदम है।

प्राथमिक और द्वितीयक प्रदूषक क्या है ?

प्राथमिक प्रदूषक:

द्वितीयक प्रदूषक:

PM 2.5 (सूक्ष्म कणिकीय पदार्थ):

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