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Karwa Chauth 2025: पूजा मुहूर्त, सामग्री और पूजा विधि

Karwa Chauth 2025

Karwa Chauth 2025: करवा चौथ भारत में विवाहित महिलाओं द्वारा बड़े धूमधाम से मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण त्योहार है। खासकर उत्तर भारत में इस दिन महिलाओं द्वारा निर्जला व्रत रखा जाता है। इस साल, करवा चौथ 2025 शुक्रवार, 10 अक्टूबर को है। इस दिन महिलाएं सूर्योदय से चंद्रमा के उदय तक व्रत करती हैं और अपने पति के लंबी उम्र, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।

करवा चौथ 2025 मुहूर्त

Drik Panchang के अनुसार,

करवा चौथ 2025 पूजा समाग्री सूची

व्रती महिलाएं पूजा की तैयारी करते समय निम्नलिखित समाग्री तैयार रखें:

  1. चौथ माता की फोटो – पूजा के लिए

  2. पूजा थाली – जिसमें दीपक, अगरबत्ती, ताजे फूल और केशर/कुमकुम शामिल हों

  3. नौ श्रृंगार सामग्री – देवी की सजावट के लिए, जैसे साड़ी, कंघी, सिंदूर, चूड़ियाँ, मेहंदी, नेल पॉलिश और बिंदी

  4. नैवेध्य (भोग) – फल, मिठाई, खीर और अन्य प्रसाद सामग्री

  5. लाल कपड़ा – जिस पर चौथ माता की फोटो रखी जाती है

  6. छलनी (सिव) – चाँद देखने के दौरान

  7. करवा (मिट्टी का पात्र) – पानी या दूध से भरा, कभी-कभी सिक्के या छोटे आभूषण भी डालते हैं

  8. करवा चौथ कथा पुस्तक – व्रत की कथा और महत्व को सुनने/पढ़ने के लिए

करवा चौथ 2025 पूजा विधि

Step 1: महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी खाकर व्रत शुरू करती हैं। सारगी परंपरागत रूप से सास द्वारा दिया जाता है।

Step 2: शाम को पूजा के लिए एकत्र हों। पूजा में आप दीवार पर देवी गौरा और चौथ माता की तस्वीर लगा सकते हैं या प्रिंटेड फोटो का उपयोग कर सकते हैं।

Step 3: पूजा करते समय करवा चौथ महात्म्य कथा पढ़ें या सुनें। यह कथा व्रत का आध्यात्मिक महत्व बताती है।

Step 4: करवा (मिट्टी का पात्र) में पानी या दूध भरकर, कभी-कभी सिक्के या आभूषण डालकर किसी ब्राह्मण या सुहागिन को दान करें।

Step 5: जैसे ही चंद्रमा उगता है, सिव (छलनी) के माध्यम से चंद्रमा का दर्शन करें, प्रार्थना करें और आशीर्वाद प्राप्त करें।

Step 6: अंत में, पति के हाथों से पानी पीकर व्रत खोलें। इस तरह करवा चौथ की पूजा और व्रत संपन्न होता है।

करवा चौथ केवल व्रत का त्योहार नहीं है, बल्कि यह विवाहित महिलाओं के पति के प्रति श्रद्धा, भक्ति और परिवार के महत्व को दर्शाता है। इस वर्ष 2025 में, पूजा मुहूर्त और सही समाग्री के साथ व्रत करने से आपको आध्यात्मिक लाभ और घर में सुख-शांति की प्राप्ति होती है।

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