
International Sign Language Day: अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस (International Sign Language Day) हर साल 23 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन दुनिया भर में बधिर (Deaf) लोगों के अधिकारों और सांकेतिक भाषा के महत्व पर जागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित है।
इस वर्ष, 2025 का विषय है:
“No Human Rights Without Sign Language Rights”
(सांकेतिक भाषा के अधिकार के बिना कोई मानवाधिकार नहीं)।
भारत में आयोजन और प्रमुख गतिविधियाँ
नई दिल्ली में, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार भारतीय सांकेतिक भाषा अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र (ISLRTC) के एक कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान:
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बधिर समुदाय के लिए शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सशक्तिकरण के नए अवसरों का शुभारंभ।
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आठवीं राष्ट्रीय भारतीय सांकेतिक भाषा प्रतियोगिता 2025 के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।
सांकेतिक भाषा क्या है?
सांकेतिक भाषा (Sign Language) दृश्य-हाव-भाव आधारित भाषा है। इसमें हाथों के संकेत, चेहरे के भाव और शारीरिक हावभाव के माध्यम से संवाद किया जाता है। यह बधिर व्यक्तियों के लिए संचार का प्रमुख माध्यम है।
प्रमुख विशेषताएँ:
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ध्वनि आधारित नहीं, बल्कि दृश्य संकेतों पर आधारित।
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अपनी व्याकरण और वाक्य संरचना होती है।
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भारतीय सांकेतिक भाषा (ISL) का अपना शब्दकोश और व्याकरण है।
भारत और विश्व में बधिर जनसंख्या
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, विश्व में लगभग 43 करोड़ लोग किसी न किसी स्तर की श्रवण अक्षमता से प्रभावित हैं।
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भारत में लगभग 1.8 करोड़ लोग बधिर या श्रवण बाधित हैं।
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इनमें से अधिकांश के पास औपचारिक शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर सीमित हैं।
अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस 2025 का उद्देश्य
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बधिर लोगों और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
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शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जीवन में समान अवसर सुनिश्चित करना।
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समावेशी समाज की दिशा में कदम बढ़ाना।
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सांकेतिक भाषा को मुख्यधारा में लाना।
भारत में प्रमुख पहलें
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ISLRTC (2015) की स्थापना: भारतीय सांकेतिक भाषा के शोध, प्रशिक्षण और प्रसार को बढ़ावा।
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PGDISLI और PGDTISL कोर्स: शिक्षक और दुभाषियों को तैयार करना।
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ऑनलाइन ISL प्रशिक्षण: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समान अवसर।
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100 STEM शब्दावली का विकास: विज्ञान और तकनीकी शिक्षा में सुविधा।
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3,189 ISL ई-कंटेंट वीडियो: डिजिटल रिपॉजिटरी।
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18 पुस्तकों का ISL संस्करण: बच्चों और युवाओं के लिए साहित्य सुलभ।
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Project Inclusion App में ISL एकीकरण: समावेशी शिक्षा को प्रोत्साहित करना।
अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस 2025 न केवल बधिर लोगों के अधिकारों को उजागर करता है, बल्कि शिक्षा, रोजगार और सामाजिक समावेश के माध्यम से उन्हें सशक्त बनाने का अवसर भी प्रदान करता है।