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Haridwar Stampede 2025: मनसा देवी मंदिर में भगदड़, 6 श्रद्धालुओं की मौत, 30 घायल

Haridwar Stampede 2025: मनसा देवी मंदिर में भगदड़, 6 श्रद्धालुओं की मौत, 30 घायल

Haridwar Stampede 2025: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में स्थित प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। मंदिर के पैदल मार्ग पर अचानक भगदड़ मचने से छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई और करीब 30 से अधिक लोग घायल हो गए। हादसा तब हुआ जब मंदिर मार्ग पर हाई वोल्टेज बिजली का तार गिर पड़ा, जिससे अचानक अफरा-तफरी फैल गई और श्रद्धालु जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

कैसे हुआ हादसा?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब मंदिर मार्ग पर अचानक एक हाई वोल्टेज लाइन का तार टूटकर गिर गया। दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई। तार गिरने से भयभीत श्रद्धालु भागने लगे और इसी अफरा-तफरी में कई लोग कुचले गए।

प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल के अनुसार, कुल 35 श्रद्धालु अस्पताल लाए गए हैं, जिनमें से 6 की मौत हो चुकी है और कई की हालत गंभीर बनी हुई है। गंभीर रूप से घायलों को हायर सेंटर रेफर किया गया है।

मुख्यमंत्री ने जताया शोक

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया के ज़रिए कहा:
“हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर मार्ग में भगदड़ की खबर अत्यंत दुखद है। सभी श्रद्धालुओं की कुशलता के लिए माता रानी से प्रार्थना करता हूं। एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और बचाव टीमें मौके पर राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। मैं लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा हूं।”

स्थिति पर नजर

गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने कहा कि प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण बिजली के तार का गिरना सामने आया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है लेकिन श्रद्धालुओं में दहशत बनी हुई है।

क्या है मनसा देवी मंदिर का महत्व?

मनसा देवी मंदिर हरिद्वार का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां हर दिन हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सावन जैसे विशेष धार्मिक महीनों में यहां भीड़ का अत्यधिक दबाव होता है।

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

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