गूगल का बड़ा कदम: AI में 85 बिलियन डॉलर निवेश, कर्मचारियों को मिलेगी AI ट्रेनिंग

गूगल ने अब AI पर अपना फोकस पूरी तरह से बढ़ा दिया है। कंपनी के सीईओ सुंदर पिचाई ने हाल ही में ऑल-हैंड्स मीटिंग में घोषणा की कि गूगल आने वाले समय में AI इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी में 85 बिलियन डॉलर का निवेश करने जा रहा है। इसका सीधा मतलब है कि गूगल अब अपने बिजनेस का केंद्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बनाने जा रहा है।

सीमित हायरिंग पर जोर

सुंदर पिचाई ने स्पष्ट किया कि हालांकि इतना बड़ा निवेश हो रहा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि गूगल बड़ी संख्या में नए कर्मचारियों को हायर करेगा। बल्कि कंपनी कम कर्मचारियों के साथ ज्यादा और तेजी से काम करने की रणनीति पर चल रही है। यह कदम गूगल की “स्मार्ट वर्क, स्मॉल टीम” पॉलिसी को दर्शाता है।

कर्मचारियों को मिलेगी AI ट्रेनिंग

गूगल ने अपने कर्मचारियों को AI स्किल्स सिखाने के लिए ‘AI Savvy Google’ नाम का प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए इंजीनियर्स को रोजमर्रा के काम में AI को शामिल करने की ट्रेनिंग दी जा रही है।

इसके अलावा, गूगल ने DeepMind के साथ मिलकर “Building with Gemini” नाम का कोर्स तैयार किया है, जिससे कर्मचारी Gemini AI का प्रभावी तरीके से उपयोग करना सीख सकें। यह कदम गूगल के कर्मचारियों को और ज्यादा प्रोडक्टिव बनाने के लिए उठाया गया है।

AI कोडिंग असिस्टेंट का इस्तेमाल

गूगल ने अपने इंजीनियर्स को AI कोडिंग असिस्टेंट भी उपलब्ध कराया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, गूगल के लगभग 50% इंजीनियर्स रोजाना इस AI असिस्टेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं। कंपनी चाहती है कि यह टूल डेवलपर्स की रूटीन का हिस्सा बन जाए।

इसके अलावा, गूगल ने Windsurf नामक AI स्टार्टअप को 2.4 बिलियन डॉलर में अधिग्रहित किया है। Windsurf के सीईओ वरुण मोहन अब गूगल के AI इकोसिस्टम को और मजबूत बनाने पर काम कर रहे हैं।

गूगल में वर्कफोर्स की स्थिति

पिछले कुछ समय में गूगल ने कर्मचारियों की संख्या में कटौती की है। 2023 की तुलना में नई भर्ती बेहद कम हुई है और कंपनी अपनी वर्कफोर्स का लगभग 6% हिस्सा घटा चुकी है। कुछ विभागों में वॉलंटरी बायआउट की पेशकश भी की गई है।

गूगल की यह रणनीति स्पष्ट करती है कि अब कंपनी छोटी टीमों और स्मार्ट टूल्स के जरिए तेजी से रिजल्ट लाना चाहती है।

AI से भविष्य की तस्वीर

गूगल के इस कदम से यह साफ हो गया है कि आने वाले समय में AI सिर्फ एक तकनीक नहीं बल्कि वर्क कल्चर का हिस्सा बन जाएगा। हालांकि, इससे यह चिंता भी बढ़ रही है कि AI के कारण पारंपरिक नौकरियों पर खतरा मंडरा सकता है।

सुंदर पिचाई के अनुसार, जो कर्मचारी AI को जल्दी अपनाएंगे, वही आने वाले समय में सबसे आगे रहेंगे।

गूगल का यह कदम टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक बड़ा बदलाव लाने वाला है। अब कर्मचारियों को भी AI के साथ तालमेल बैठाकर अपने स्किल्स को अपग्रेड करना होगा क्योंकि गूगल का फोकस अब पूरी तरह से AI-सेंट्रिक फ्यूचर पर है।

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