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Cloudburst: बादल फटना: हिमालयी क्षेत्रों में अचानक बारिश और भूस्खलन की जानकारी

बादल फटना, Cloudburst

Cloudburst: बादल फटना एक ऐसी घटना है जो पिछले कुछ दिनों से पुरे भारत में अलग-अलग जगह पर हो रही है। अक्सर भारत में, पूर्वोतर और उच्च एवं मध्य हिमालय के पर्वतीय क्षेत्रों में, विशेष रूप से जून और जुलाई के महीने में होती है, जब दक्षिण-पशिचमी मानसूनी हवाएं अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आती है, तभी बादल फटने की घटनाएँ ज्यादातर होती है। ये हवाएं अक्सर मैदानी इलाकों को दरकिनार कर सीधे उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों की ओर बढ़ जाती है।

बादल फटना (cloudburst) क्या है?

बादल फटने (cloudburst) के कारण:

प्रभाव:

पूर्वानुमान:

  1. बादल फटना जैसी आपदा का अनुमान लगाने के लिए वर्तमान में कोई भी तकनीक उपलब्ध नही है, हालाँकि इससे भारी वर्षा की संभावना वाले क्षेत्र में इसका पूर्वानुमान लगाया जा सकता है।
  2. बादल फटने को 60 मिनट के भीतर 10 सेमी या 100 मिमी से अधिक वर्षा से मापा जाता है।
  3. इस घटना का पता लगाना तो मुश्किल है क्योंकि ये घटना एक छोटे से क्षेत्र में होती है, लेकिन भारी बारिश के दौरान या ऐसा अनुमान लगाना की बादल फटने जैसी घटना हो सकती है तब ये सलाह दी जाती है कि आपदा के पूर्व ही आवश्यक सावधानियां बरती जाने से जान-माल को भारी नुकसान से बचाया जा सकता है।

बादल फटना एक भू-जल विज्ञानीय घटना है जो प्रकृति की आक्रामता और वर्षा से होने वाली तबाही का पैमाना है ये कभी-कभी भयावह भी हो सकता है। अक्सर हिमालयी क्षेत्र में बादल फटने की सबसे आधिक घटनाएँ देखने को मिलती है,क्योंकि हिमालयी क्षेत्र में दशकीय तापमान वृद्धी वैश्विक तापमान वृद्धी की दर से अधिक है।

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