हाइड्रोजन पेरोक्साइड का हरित संश्लेषण: SNBNCBS की प्रकाश उत्प्रेरक तकनीक से नई क्रांति

एस. एन. बोस बेसिक साइंसेज सेंटर (SNBCBS) के वैज्ञानिकों ने जल और सूर्य के प्रकाश से सीधे हाइड्रोजन पेरोक्साइड (H2O2) के हरित संश्लेषण की एक नई तकनीक विकसित की है। यह तकनीक पर्यावरण अनुकूल, लागत-प्रभावी और रासायनिक उद्योगों के लिए क्रांतिकारी मानी जा रही है।
हाइड्रोजन पेरोक्साइड (H2O2) क्या है?
- हाड्रोजन पेरोक्साइड एक रासायनिक यौगिक है, यह एक रंगहीन, गंधहीन और पानी से थोड़ा गाढ़ा एवं हल्के नीले रंग का द्रव होता है।
- एक महत्वपूर्ण ऑक्सीकरण कारक जिसका उपयोग रासायनिक संश्लेषण, कीटाणुशोधन, अपशिष्ट जल उपचार और ईधन कोशिकाओं में किया जाता है।
- यह कमरे के तापमान पर कड़वा स्वाद वाला एक रंगहीन तरल तथा अत्यधिक अस्थिर है जो ऑक्सीजन और पानी में विघटित होकर गर्मी छोड़ता है।
- हाइड्रोजन पेरोक्साइड एक असमतलीय अणु है जो दो ऑक्सीजन परमाणुओं से मिलकर बना होता है और यह एक एकल सहसंयोजक बंध द्वारा आपस में जुड़े होते है जिसे पेरोक्साइड बंध कहा जाता है।
- पर्यावरण के अनुकूल: हाड्रोजन पेरोक्साइड पर्यावरण में पानी और ऑक्सीजन में आसानी से विघटित हो जाता है, जिससे यह सतत प्रक्रिया बन जाता है।
हाइड्रोजन पेरोक्साइड के उपयोग
- यह उच्च सांद्रता वाले हाइड्रोजन पेरोक्साइड का उपयोग रॉकेटों में प्रणोदक के रूप में किया जाता है।
- इसका उपयोग घावों के लिए एंटीसेप्टिक और सतहों को कीटाणुरहित करने में लिया जाता है।
- यह एक मजबूत ऑक्सीकारक है जो दहनशील पदार्थों के साथ स्वत: प्रज्जवलन का कारण बनता है।
- इसका उपयोग कागज, कपड़ा और कॉस्मेटिक उद्योगों में विरंजन एजेंट तथा खाद्य प्रसंस्करण में बंध्यीकरण के लिए भी उपयोग किया जाता है।
- यह एक शक्तिशाली ऑक्सीकरण एजेंट है जिसका उपयोग कई अन्य अनुप्रयोगों (जैसे- विरंजन, दंत चिकित्सा, सौंदर्य प्रसाधन आदि) में भी किया जाता है।
हाइड्रोजन पेरोक्साइड के गुण
- हाइड्रोजन पेरोक्साइड अपने शुद्धतम रूप में लगभग हल्का नीला रंगहीन होता है।
- यह पानी में थोड़ा हाइड्रेट और सभी मात्राओं में एक समरूप मिश्रण बनाता है।
- इसका क्वथनांक 150.2 डिग्री सेल्सियस होता है जो पानी के क्वथनांक से 50 डिग्री सेल्सियस अधिक है।
- हाइड्रोजन पेरोक्साइड का गलनांक-0. 43 डिग्री सेल्सियस होता है।
- हाइड्रोजन पेरोक्साइड की गंध तीखी तथा इसका मोलर द्रव्यमान 34.0147 ग्राम/मोल होता है।
- जलीय घोल में इसका घनत्व 1.11 ग्राम/सीसी होता है तथा शुद्ध रूप में इसका घनत्व 1.450ग्राम/सीसी होता है।
पारंपरिक उत्पादन की समस्याएं
- ऊर्जा-गहन और महंगी प्रक्रिया होती है।
- इसमें खतरनाक रसायनों का उपयोग शामिल है।
- इसका पर्यावरण पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है।
- इसके उत्पादन के समय त्वचा या आँखों के संपर्क में आने पर जलन हो सकती है।
हाइड्रोजन पेरोक्साइड का हरित संश्लेषण क्या है ?
- यह एस. एन बोस सेंटर फॉर बेसिक साइंसेज द्वारा विकसित एक नई पद्धति है।
- यह केवल जल और सूर्य के प्रकाश का उपयोग करके सीधे H2O2 का उत्पादन करता है।
* इसे co2 कटौती, जल अपघटन और अन्य सौर-संचालित प्रतिक्रियाओं में भी इसका उपयोग किया जाता है।
- ये उन्नत सामग्रियों का उपयोग करके प्रकाश-उत्प्रेरक द्वारा प्राप्त एक व्यावहारिक रूप है।
MO-DHTA COF: प्रमुख नवाचार
- इसका अर्थ “डाई मोलिब्डेनम पैडलव्हील-एम्बेडेड” सहसंयोजन कार्बनिक ढांचा है।
- यह H2O2 का कुशलतापूर्वक उत्पादन करने के लिए एक प्रकाश उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता है।
- यह प्रक्रिया जल, एथनॉल और बेंजिल अल्कोहल जेसे विभिन्न सॉल्वैंट्स में कारगर है।
- एक स्वच्छ, पुनर्चक्रण योग्य और लागत-प्रभावी विधि प्रदान करता है।
- सूर्य का लगभग 43% भाग दृश्य प्रकाश होता है,इसलिए ऐसे प्रकाश-सक्रिय उत्प्रेरक व्यावहारिक रूप से उपयोगी है।
- यह दीर्घकालिक औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त बनाता है, जबकि पारंपरिक फोटोकैटलिस्ट समय के साथ टूटने लगते है।
- इसका नवाचार MO-DHTA COF की फोटोकैटलिटिक क्षमता अब तक की सर्वश्रेष्ठ रिपोर्टेड दक्षताओं में से एक है, यह कई चक्रों तक स्थिर बना रहता है और इसके प्रदर्शन में भी कोई गिरावट नही आती है।
हाइड्रोजन पेरोक्साइड, पेरोक्साइड का सबसे बुनियादी प्रकार है। इसे एक ऑक्सीकरण एजेंट, विरंजन एजेंट और कीटाणुनाशक के रूप में इसके उपयोगों के साथ साथ इसकी सुरक्षा और पर्यावरणीय पहलुओं के संदर्भ में काफी महत्वपूर्ण है। यह MO-DHTA COF आधारित H2O2 उत्पादन रासायनिक, औषधीय और पर्यावरणीय क्षेत्रों में क्रांति का सकता है। यह जीवाश्म ईधन पर निर्भरता घटाने और खतरनाक अभिकर्मकों से बचने के वैश्विक लक्ष्यों के अनुकूल है।