COVID-19 : भारत में कोरोना के केस क्यों बढ़ रहे हैं? डॉक्टरों ने बताया आने वाले खतरे का स्तर

भारत में अचानक क्यों बढ़ रहे हैं कोविड-19 के केस? डॉक्टरों की चेतावनी
नई दिल्ली : देश में कोविड-19 के मामले एक बार फिर से तेज़ी से बढ़ने लगे हैं, जिससे न केवल आम लोग बल्कि स्वास्थ्य तंत्र भी सतर्क हो गया है। कई राज्यों में सक्रिय मामलों की संख्या में अचानक उछाल देखा गया है और कुछ अस्पतालों में कोविड बेड आरक्षित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इस नई लहर को लेकर लोग चिंतित हैं कि क्या कोरोना महामारी फिर से गहराने वाली है? डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने इसके पीछे के कारणों और संभावित खतरों के बारे में जानकारी दी है।
कोविड मामलों में अचानक उछाल क्यों?
एम्स दिल्ली के डॉ. अंशुल मेहता के अनुसार, कोविड के मामलों में वृद्धि के पीछे कई कारण हो सकते हैं:
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नए वैरिएंट का उभरना – ओमिक्रॉन के बाद कई नए सब-वैरिएंट सामने आए हैं जो अधिक संक्रामक हो सकते हैं।
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मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग में लापरवाही – ज्यादातर लोगों ने कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना लगभग बंद कर दिया है।
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कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग – बुजुर्ग, गंभीर रोगों से ग्रस्त मरीज और बिना बूस्टर डोज़ वाले लोग अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
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सीजनल बदलाव – गर्मी और मॉनसून के संक्रमणकारी मौसम में वायरस का फैलाव तेज़ होता है।
आंकड़ों में क्या कहते हैं हालात?
स्वास्थ्य मंत्रालय के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार:
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बीते एक सप्ताह में प्रतिदिन औसतन 600 से 1,000 नए केस सामने आ रहे हैं।
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महाराष्ट्र, दिल्ली, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में मामलों की संख्या में अधिक वृद्धि दर्ज की गई है।
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पॉजिटिविटी रेट भी बढ़कर 2% से अधिक हो गया है, जो चिंता का संकेत है।
क्या अस्पतालों में बढ़ रही है गंभीर मरीजों की संख्या?
फिलहाल, डॉक्टरों के अनुसार, अधिकांश मरीजों में लक्षण हल्के ही देखे जा रहे हैं — जैसे बुखार, खांसी, गला खराब, शरीर में दर्द।
हालांकि, को-मॉर्बिडिटी वाले मरीजों को ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
डॉ. संगीता रॉय (मैक्स हॉस्पिटल) कहती हैं, “हमें घबराने की ज़रूरत नहीं है, लेकिन लापरवाही बिल्कुल नहीं करनी चाहिए।“
क्या महामारी दोबारा लौट सकती है?
विशेषज्ञों का मानना है कि:
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कोविड-19 अब महामारी नहीं बल्कि एंडेमिक चरण में प्रवेश कर चुका है, लेकिन नए वैरिएंट्स इसे समय-समय पर फिर से उभार सकते हैं।
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यदि टीकाकरण कवरेज, विशेषकर बूस्टर डोज़ में कमी आती है, तो नए वैरिएंट्स को फैलने का मौका मिल सकता है।
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यदि लोग सतर्क नहीं रहे तो स्थानीय स्तर पर क्लस्टर-आउटब्रेक्स की संभावना बढ़ सकती है।
डॉक्टरों की सलाह: क्या करें, क्या न करें
✔️ मास्क ज़रूर पहनें, खासकर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर
✔️ हाथों की स्वच्छता बनाए रखें
✔️ खांसी-बुखार होने पर घर पर रहें और डॉक्टर से संपर्क करें
✔️ बूस्टर डोज़ अवश्य लगवाएं (यदि नहीं लगवाया है)
❌ अफवाहों से बचें, केवल आधिकारिक स्रोतों पर विश्वास करें
❌ लक्षणों को नजरअंदाज न करें
सावधानी ही सुरक्षा है
भले ही कोविड-19 अब पहले जैसी घातक महामारी ना हो, लेकिन यह वायरस पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। बार-बार नए वैरिएंट्स का उभरना बताता है कि सावधानी और सतर्कता अब भी ज़रूरी है।
डॉक्टरों का साफ कहना है:
“डरें नहीं, लेकिन लापरवाही न करें।“
