Diwali 2025: चांदी के लक्ष्मी-गणेश से पूजा करना क्यों माना जाता है शुभ?

Diwali 2025: कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को पूरे देश में दीपावली का पावन पर्व मनाया जाता है। इस दिन घरों में भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस साल दीवाली 2025 का पर्व सोमवार, 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। हिंदू शास्त्रों में इस दिन नई मूर्तियों से लक्ष्मी-गणेश पूजन को अत्यंत शुभ बताया गया है।

चांदी के लक्ष्मी-गणेश की पूजा क्यों मानी जाती है शुभ?

धार्मिक मान्यता के अनुसार, चांदी को शुद्धता, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना गया है। चांदी में चंद्रमा का तत्व विद्यमान होता है, जो शीतलता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।

इस कारण से दीपावली पर चांदी के लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति से पूजा करना अत्यंत मंगलकारी माना गया है।

ऐसा करने से घर में धन की वृद्धि, व्यापार में सफलता और शांति का वास होता है।

धनतेरस पर करें चांदी की मूर्ति की खरीदारी

धनतेरस का दिन चांदी की मूर्ति या सिक्के खरीदने के लिए सबसे शुभ माना गया है। इस दिन लक्ष्मी-गणेश की नई मूर्तियों, श्री यंत्र, चांदी के सिक्के और गिफ्ट आइटम्स की खरीदारी करने से घर में लक्ष्मी का आगमन होता है। कहते हैं कि जो व्यक्ति धनतेरस पर चांदी के लक्ष्मी-गणेश लाता है, उसके घर पूरे वर्ष समृद्धि और सौभाग्य बना रहता है।

त्योहार पर गुलजार है बाजार

जैसे-जैसे दीपावली का त्योहार करीब आता है, बाजारों में चांदी के गिफ्ट आइटम, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, और चमकते सिक्के लोगों का ध्यान आकर्षित करते हैं। इस साल भी बाजारों में हर बजट के अनुसार गुणवत्ता पूर्ण आइटम्स उपलब्ध हैं। लोग अपनी क्षमता और परंपरा के अनुसार चांदी की मूर्तियों और सिक्कों की खरीदारी कर रहे हैं। दीपोत्सव से पहले ही चांदी की चमक से बाजार जगमगा उठा है, और ग्राहकों में उत्साह चरम पर है।

आस्था और समृद्धि का संगम

दीपावली का त्योहार सिर्फ रोशनी का नहीं, बल्कि आस्था और समृद्धि का मिलन है। माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए चांदी के लक्ष्मी-गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। इससे घर में स्थायी धन, शांति और शुभता बनी रहती है।

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