Shardiye Navratri day 6: छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें महत्व

Shardiye Navratri day 6: नवरात्रि के छठे दिन माता कात्यायनी की पूजा विशेष रूप से की जाती है। इस दिन व्रत करने और माता की आराधना करने से जीवन में साहस, शक्ति, वैभव और मानसिक स्थिरता प्राप्त होती है। वे शेर पर आरूढ़ होकर महिषासुर का संहार करने के लिए तैयार हुईं। माता कात्यायनी ने अपने अष्टभुजा हथियारों – तलवार, गदा, त्रिशूल, धनुष-बाण, कमल और वरमुद्रा – का प्रयोग करते हुए महिषासुर का नाश किया और तीनों लोकों को बुराई और अधर्म से मुक्त किया।
भक्तों का विश्वास है कि जो श्रद्धा और भक्ति के साथ उनकी पूजा करते हैं, वे जीवन की सभी बाधाओं, संकट और डर से मुक्त हो जाते हैं।
माता कात्यायनी की पूजा विधि
सामग्री:
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पीले और सुनहरे रंग के वस्त्र
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कलश (सफा पानी और अक्षत के साथ)
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फूल (विशेष रूप से कमल और गुलाब)
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दीपक और धूप
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नैवेद्य (फल, मिठाई, हलवा या पोहा)
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पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, चीनी)
पूजा का तरीका:
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व्रती दिनभर सूर्य नमस्कार और शुद्ध आहार ग्रहण करें।
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पूजा स्थल पर कलश स्थापित करें और उसे सोने या पीले रंग के वस्त्र से सजाएँ।
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माता कात्यायनी की प्रतिमा या तस्वीर को कलश के पास रखें।
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दीपक और धूप जलाएँ।
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माता को फूल, नैवेद्य और पंचामृत अर्पित करें।
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मंत्रों का उच्चारण करें –
मंत्र:(इस मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करें।)
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माता से सुख, समृद्धि, संतान सुख, बुद्धि और शक्ति की कामना करें।
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पूजा के अंत में प्रसाद वितरण करें और बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लें।
पूजा का महत्व
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माता कात्यायनी की पूजा से जीवन में संकट और बाधाएँ दूर होती हैं।
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मानसिक शक्ति, साहस और ज्ञान प्राप्त होता है।
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संतान सुख और वैभव की प्राप्ति होती है।
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नवरात्रि के व्रत और भक्ति से माता की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
