Lunar Eclipse 2025: हिंदू पंचांग और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 7 सितंबर 2025 का दिन बेहद खास रहने वाला है। इस दिन एक साथ पितृपक्ष की शुरुआत, भाद्रपद पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण का संयोग बन रहा है। धार्मिक दृष्टि से यह दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है क्योंकि यह तीनों घटनाएं अपने आप में बहुत पवित्र और प्रभावशाली मानी जाती हैं।
इस दिन पितरों की कृपा प्राप्त करने का उत्तम समय होगा, वहीं चंद्र ग्रहण और पूर्णिमा का संयोग राशिचक्र पर गहरा असर डालेगा। ज्योतिषियों के अनुसार, यह अद्भुत योग खासकर मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क और कन्या राशि के जातकों के लिए शुभ संकेत लेकर आ रहा है।
कब है चंद्र ग्रहण और पितृपक्ष की शुरुआत?
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पितृपक्ष की शुरुआत: 7 सितंबर 2025 से
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भाद्रपद पूर्णिमा तिथि: 7 सितंबर 2025
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चंद्र ग्रहण का समय: रात 9:58 बजे से प्रारंभ
धार्मिक मान्यता है कि चंद्र ग्रहण शुरू होने से लगभग 9 घंटे पहले से ही सभी शुभ और धार्मिक कार्य वर्जित हो जाते हैं। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और पूजा-अर्चना रोक दी जाती है।
इन राशियों की बदलेगी किस्मत
मेष राशि
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सामाजिक दायरा बढ़ेगा
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व्यापार और नौकरी में उन्नति होगी
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आर्थिक स्थिति मजबूत होगी
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आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी
उपाय: काले तिल जल में मिलाकर पितरों को अर्पित करें।
वृषभ राशि
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करियर में सफलता
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समाज में मान-सम्मान की वृद्धि
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पार्टनरशिप में सहयोग
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रुकी हुई योजनाओं का लाभ मिलेगा
मिथुन राशि
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अचानक धन लाभ
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नई डील या अवसर मिलेगा
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पितृ दोष से मुक्ति
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परिवार में सुख-शांति और आशीर्वाद
कर्क राशि
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विदेश यात्रा की संभावना
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व्यापार में बढ़ोतरी
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कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता
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करियर में पदोन्नति
कन्या राशि
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बड़ी खुशखबरी मिलने की संभावना
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धार्मिक कार्यों में रुचि
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पूजा-पाठ में मन लगेगा
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पितरों की विशेष कृपा प्राप्त होगी
धार्मिक महत्व
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पितृपक्ष में पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और पिंडदान किया जाता है।
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पूर्णिमा पर स्नान, दान और व्रत का महत्व होता है।
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चंद्र ग्रहण को धार्मिक रूप से पवित्र और शक्तिशाली माना गया है, लेकिन ग्रहणकाल में पूजा और दान से बचना चाहिए।
7 सितंबर 2025 का यह अद्भुत संयोग न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि ज्योतिषीय रूप से भी कई जातकों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणना और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। Life of Indian इसकी पुष्टि नहीं करता।
