National Nutrition Week 2025: जानें इतिहास, थीम, महत्व और सेहत से जुड़ी अहम बातें
National Nutrition Week 2025: हर वर्ष 1 से 7 सितंबर तक भारत में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह (National Nutrition Week) मनाया जाता है। यह सप्ताह शरीर को सभी आवश्यक पोषक तत्वों की प्राप्ति के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। आज के समय में जहां खराब जीवनशैली और खान-पान की आदतें स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं, वहीं इस सप्ताह का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। संतुलित आहार, पर्याप्त विटामिन और मिनरल की पूर्ति न केवल आपकी ऊर्जा बढ़ाते हैं, बल्कि दीर्घकाल में जीवन रक्षा में भूमिका निभाते हैं।
इतिहास – यह पहल कैसे शुरू हुई?
अमेरिका में यह विचार 1975 में, American Dietetic Association (ADA) द्वारा राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के रूप में शुरू किया गया था। बाद में भारत में 1982 में यह Food & Nutrition Board, Ministry of Women & Child Development द्वारा अपनाया गया था, जिसका उद्देश्य था कुपोषण की समस्या से निपटना और संतुलित आहार के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना। तब से यह सप्ताह नियमित रूप से मनाया जाने लगा।

राष्ट्रीय पोषण सप्ताह की शुरुआत
राष्ट्रीय पोषण सप्ताह की शुरुआत 1982 में खाद्य एवं पोषण बोर्ड (महिला एवं बाल विकास मंत्रालय) ने की थी। तब से हर साल इसे मनाया जाता है ताकि संतुलित आहार के महत्व के बारे में आमजन में जागरूकता बढ़ाई जा सके। आज भी भारत कुपोषण के तिहरे बोझ से जूझ रहा है –
- बच्चों और माताओं में अल्पपोषण
- एनीमिया और विटामिन की कमी
- मोटापा, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियां
महत्वपूर्ण उद्देश्य
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पोषण शिक्षा और जागरूकता: लोगों को बताना कि क्या खाना है, कितना खाना है, और क्या नहीं खाना है।
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कुपोषण और जीवनशैली आधारित बीमारियों से लड़ना: कमजोर प्रतिरक्षा, मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप आदि से बचाव हेतु जागरूकता बढ़ाना।
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सरकारी योजनाओं के साथ सहयोग: जैसे POSHAN अभिहयान, Mid-Day Meal Scheme, ICDS, आदि को पोषण सप्ताह के दौरान बढ़ावा देना।
2025 की थीम – “Eat Right for a Better Life”
यह वर्ष की आधिकारिक थीम है, जो संतुलित और सही खाद्य चयन को बढ़ावा देती है। इसका संदेश स्पष्ट है — न केवल भोजन का सेवन, बल्कि समझ-भरी और पोषण से भरपूर जीवनशैली अपनाना आवश्यक है।
इसका देश और समाज पर असर
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शिक्षा संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम: जैसे Healthy Tiffin Days, Poster, Essay Competitions, Seminars, and Workshops।
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स्वास्थ्य योजनाओं का प्रचार: POSHAN और ICDS के माध्यम से कुपोषित वर्गों को पोषित करना।
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स्थानीय जागरूकता अभियान: समुदायों में खाना और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी फैलाना।
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SDG 2 (‘Zero Hunger’) की ओर योगदान: संयुक्त राष्ट्र के लक्ष्य को भारत में आगे बढ़ाने में मदद।
पोषण और स्वास्थ्य: विशेषज्ञ सुझाव
न्यूट्रिशन वीक 2025 के मद्देनजर, कुछ विशेषज्ञ सुझाव:
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चीनी, नमक और तेल की मात्रा सीमित रखें — यह जीवनशैली से जुड़े रोगों का कारण बनते हैं।
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दिनभर में मॉडरेशन के साथ खाना (festive eating में भी संतुलन बनाए रखें)।
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घर में ताजगी से बनी भोजन की आदत अपनाएँ: सब्जियां, फल, स्थूल अन्न, प्रोटीन आदि पर जोर दें।
बच्चों और परिवारों के लिए प्रोत्साहन
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बच्चे Healthy Tiffin Days, स्पीच प्रतियोगिताएं, पोषण पोस्टर, फूड फेस्टिवल जैसे गतिविधियों में शामिल होने से सीखते हैं।
पोषण की वास्तविक ज़रूरत
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आयरन, विटामिन डी, बी12, कैल्शियम की कमी से एनीमिया, हड्डियों की कमजोरी जैसी समस्याएं होती हैं।
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पोषण संतुलन से ऊर्जा बढ़ती है, प्रतिरक्षा मज़बूत होती है और दीर्घकालीन रोगों से सुरक्षा मिलती है।
सरकारी पहल
राष्ट्रीय पोषण सप्ताह निम्नलिखित सरकारी योजनाओं से भी जुड़ा है –
- पोषण अभियान (राष्ट्रीय पोषण मिशन)– अल्पपोषण, एनीमिया और बौनेपन को कम करना।
- मध्याह्न भोजन योजना (पीएम-पोषण) – बच्चों को स्कूलों में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना।
- आईसीडीएस – बच्चों और गर्भवती/स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पूरक पोषण।
- आंगनवाड़ी केंद्र– पोषण संबंधी परामर्श और वितरण।
National Nutrition Week 2025 हमें यह याद दिलाता है कि “स्वास्थ्य, भोजन से शुरू होता है” — केवल पेट भरना नहीं, बल्कि शरीर को सही पोषण देना है। Eat Right for a Better Life के ज़रिए इस सप्ताह की थीम हमें सिखाती है कि संतुलित आहार अपनाना रोकथाम के साथ जीवन को बेहतर बनाता है।
इस सप्ताह आइए संकल्प लें –
“हम अपने घर, स्कूल, और समाज में संतुलित आहार और सकारात्मक जीवनशैली का प्रचार करेंगे।”