Necropolitics: नेक्रोपॉलिटिक्स क्या है?, जो तय करती है किसे जीने की अनुमति है और किसे मरना है!

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नेक्रोपॉलिटिक्स क्या है?

Necropolitics: नेक्रोपॉलिटिक्स (शव-राजनीति) एक ऐसी राजनीतिक अवधारणा है, जिसमें सत्ता यह तय करती है कि कौन जिएगा और कौन मरेगा। कैमरून के दार्शनिक अकिल एमबेम्बे द्वारा प्रस्तुत यह विचार दिखाता है कि कैसे राज्य और राजनीतिक ताकतें हाशिये पर पड़े लोगों की मृत्यु को सामान्य और स्वीकार्य बना देती हैं।

नेक्रोपॉलिटिक्स की अवधारणा

  • कैमरून के दार्शनिक अकिल एमबेम्बे द्वारा नेक्रोपॉलिटिक्स गढ़ा गया, जो मिशेल फूको की बायोपॉलिटिक्स की अवधारणा पर आधारित था।
  • यह अवधारणा मिशेल फूको के बायोपॉलिटिक्स पर आधारित है -जहाँ सत्ता जीवन का प्रबंधन करती है (जैसे स्वास्थ्य, जनसंख्या नियंत्रण)।
  • नेक्रोपॉलिटिक्स राजनीतिक शक्तियों द्वारा ‘जीने की अनुमति’ और ‘मरने की अनुमति’ के बीच के अंतर पर केंद्रित है।
  • यह उन नीतियों और व्यवस्थाओं की जांच करती है जो कुछ आबादी को व्यवस्थित हिंसा, उपेक्षा या परित्याग के जोखिम में डालती हैं, और उनकी मृत्यु को स्वीकार्य या सामान्य मानकर उसे अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा देती है।
  • नेक्रोपॉलिटिक्स इस बात पर ध्यान केंद्रित करती है की सत्ता कैसे तय करती है कि किसे मरना है, और मृत्यु को कैसे नियंत्रित या हथियार बनाया जाता है।

मुख्य विचार

राजनीतिक शक्ति निर्धारित करती है कि-

  1. किसके जीवन की रक्षा की जाए।
  2. किसकी मृत्यु को सामान्य बनाया जाए, उपेक्षित किया जाए, या यहाँ तक कि सुनियोजित किया जाए।

मुख्य विशेषताएँ

  • राज्य आतंक: असहमति को दबाने के लिए निगरानी, हिंसा, कारावास आदि का प्रयोग करता है।
  • राज्य और गैर- राज्य सहयोग: प्रवर्तन के लिए मिलिशिया/ अपराधियों का उपयोग करता है।
  • शत्रुता की राजनीति: शत्रुता एक शासकीय सिद्धांत के रूप में कार्य करती है, जो हत्या के अधिकार को उचित ठहराती है।
  • युद्ध अर्थव्यवस्थाएं: संघर्ष आत्मनिर्भर और लाभदायक हो जाता है।
  • युद्ध और आतंकवाद वैश्विक निगरानी और हथियार अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा देते है।
  • संरचनात्मक शोषण: कमजोर समूहों का विस्थापन और पीड़ा।
  • मृत्यु के साधन: भुखमरी, ड्रोन, यातना, नसबंदी, आदि विभिन्न रूपों में दी जाती है।
  • औचित्य सिद्ध करने वाले विचारधाराएँ: राष्ट्रवाद, धर्म, उपयोगितावादी तर्क आदि।

नेक्रोपॉलिटिक्स केवल युद्ध क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि गरीबी और नस्लवाद जैसे प्रणालीगत मुद्दों तक भी फैली हुई है इसके साथ ही इसका सारांश नेक्रोपॉलिटिक्स के सार को समाहित करता है, इसकी ऐतिहासिक जड़ों, परिचालन तंत्रों और वैश्विक निहितार्थों को दर्शाता है, इस प्रकार यह समझ व्यापक होती है कि राजनीतिक प्रणालियाँ जीवन और मृत्यु का प्रबंधन किस प्रकार करती है।

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