4 September: इतिहास के पन्नों में 4 सितंबर का दिन

दुनिया का इतिहास केवल युद्धों और साम्राज्यों की कहानियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें विज्ञान, खोज, तकनीकी प्रगति और मानवीय उपलब्धियाँ भी शामिल हैं। 4 सितंबर का दिन इतिहास की कई महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी रहा है। यह तारीख टाइटैनिक जहाज की तस्वीरों के सामने आने से लेकर गूगल की स्थापना और भारत की स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े प्रसंगों तक कई उपलब्धियों और हादसों को समेटे हुए है। आइए विस्तार से जानते हैं —
टाइटैनिक: दुनिया का सबसे बड़ा जहाज और 73 साल बाद हुई खोज
टाइटैनिक (Titanic) दुनिया का सबसे बड़ा और आधुनिक यात्री जहाज था।
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इसे “कभी न डूबने वाला जहाज” कहा गया।
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10 अप्रैल 1912 को इंग्लैंड के साउथहैंप्टन से न्यूयॉर्क के लिए रवाना हुआ।
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मात्र चार दिन बाद, 14 अप्रैल 1912 को उत्तरी अटलांटिक महासागर में एक हिमशिला (आइसबर्ग) से टकराकर डूब गया।
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इस हादसे में लगभग 1500 लोगों की मौत हो गई, जो इतिहास की सबसे बड़ी शांतिकालीन समुद्री त्रासदियों में से एक है।
73 वर्षों तक टाइटैनिक का मलबा रहस्य बना रहा। आखिरकार 4 सितंबर 1985 को अमेरिकी और फ्रांसीसी वैज्ञानिकों की टीम ने गहरे समुद्र में जाकर इसकी पहली तस्वीरें लीं। यह खोज न केवल ऐतिहासिक थी बल्कि समुद्री पुरातत्व (Maritime Archaeology) में एक मील का पत्थर साबित हुई।
4 सितंबर 2023: अंतरिक्ष से धरती पर वापसी
4 सितंबर 2023 को अंतरिक्ष विज्ञान में भी एक महत्वपूर्ण घटना दर्ज हुई।
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अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर छह महीने बिताने के बाद चार अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित धरती पर लौटे।
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उनका स्पेसएक्स कैप्सूल फ्लोरिडा तट से दूर अटलांटिक महासागर में पैराशूट के सहारे उतरा।
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इस मिशन में शामिल थे —
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नासा के स्टीफन बोवेन और वॉरेन ‘वुडी’ होबर्ग,
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रूस के आंद्रेई फेदयेव,
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और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के सुल्तान अल-नेयादी।
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सुल्तान अल-नेयादी कक्षा में इतने लंबे समय तक रहने वाले अरब दुनिया के पहले अंतरिक्ष यात्री बने।
भारत और दुनिया की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएँ (4 सितंबर)
1665: शिवाजी महाराज और मुगलों के बीच संधि
छत्रपति शिवाजी महाराज और मुगल साम्राज्य के बीच पुरंधर की संधि पर हस्ताक्षर हुए। यह समझौता भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ था, जिसने मराठा-मुगल संबंधों को गहराई से प्रभावित किया।
1825: दादाभाई नौरोजी का जन्म
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेता और “ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ इंडिया” कहे जाने वाले दादाभाई नौरोजी का जन्म हुआ।
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वे मुंबई के एलफिंस्टन कॉलेज में पहले भारतीय प्रोफेसर बने।
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बाद में लंदन यूनिवर्सिटी कॉलेज में गुजराती पढ़ाने वाले पहले प्रोफेसर भी बने।
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दादाभाई नौरोजी ने ब्रिटिश संसद में भी भारतीयों का प्रतिनिधित्व किया।
1888: महात्मा गांधी की इंग्लैंड यात्रा
महात्मा गांधी इंग्लैंड के लिए रवाना हुए। यह यात्रा उनके जीवन और विचारधारा के निर्माण में बेहद अहम साबित हुई।
1944: द्वितीय विश्व युद्ध
ब्रिटिश सैनिकों ने बेल्जियम के एंटवर्प शहर पर कब्जा कर लिया। यह कदम यूरोप में नाजी जर्मनी के खिलाफ मित्र राष्ट्रों की जीत की दिशा में महत्वपूर्ण था।
1946: भारत में अंतरिम सरकार का गठन
भारत की आजादी से ठीक पहले अंतरिम सरकार का गठन किया गया। यह वह दौर था जब देश आजादी की दहलीज पर खड़ा था।
1967: कोयना बांध भूकंप
महाराष्ट्र का कोयना बांध 6.5 तीव्रता के भूकंप की चपेट में आकर ध्वस्त हो गया। इस आपदा में 200 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।
1999: ईस्ट तिमोर जनमत संग्रह
ईस्ट तिमोर के जनमत संग्रह में 78.5% जनता ने इंडोनेशिया से स्वतंत्रता के पक्ष में मतदान किया। यह एशियाई इतिहास की एक बड़ी राजनीतिक घटना थी।
2009: जिन्ना पर लिखी किताब पर प्रतिबंध हटाया गया
गुजरात उच्च न्यायालय ने जसवंत सिंह द्वारा लिखी गई मोहम्मद अली जिन्ना पर आधारित किताब पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया।
2020: नेलांग घाटी में पर्वतारोहण की उपलब्धि
नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की टीम ने भारत-चीन सीमा पर ‘इनरलाइन क्षेत्र’ की तीन चोटियों का आरोहण किया।
2022: साइरस मिस्त्री का निधन
टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री का महाराष्ट्र के पालघर में सड़क दुर्घटना में निधन हो गया।
2024: जॉर्जिया में गोलीबारी
जॉर्जिया के एक हाई स्कूल में गोलीबारी हुई, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए।
आधुनिक इतिहास: गूगल की शुरुआत
आज दुनिया जिस तकनीकी क्रांति पर खड़ी है उसमें गूगल (Google) का योगदान सबसे अहम है।
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4 सितंबर 1998 को गूगल की स्थापना हुई।
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इसके संस्थापक थे — लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन।
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मजेदार बात यह है कि गूगल का नाम असल में “Googol” होना था, लेकिन स्पेलिंग मिस्टेक की वजह से यह “Google” बन गया।
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पहले इसका नाम “BackRub” था।
गूगल की वजह से आज इंटरनेट पर जानकारी खोजना आसान हो गया। हालांकि अब गूगल अपना स्थापना दिवस 27 सितंबर को मनाता है।
4 सितंबर को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्तित्व
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1825 – दादाभाई नौरोजी (भारतीय स्वतंत्रता सेनानी)
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1941 – सुशील कुमार शिंदे (भारतीय राजनीतिज्ञ)
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1952 – ऋषि कपूर (प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता)
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1962 – किरण मोरे (भारतीय क्रिकेटर)
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1971 – लांस क्लूजनर (दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटर)
4 सितंबर को हुए निधन
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1969 – हो ची मिन्ह (वियतनाम के क्रांतिकारी नेता)
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1984 – भोला पासवान शास्त्री (बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री)
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1997 – धर्मवीर भारती (हिंदी साहित्यकार)
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2006 – स्टीव इरविन (प्रसिद्ध ऑस्ट्रेलियाई पर्यावरणविद और टीवी पर्सनैलिटी)
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2015 – विल्फ्रेड डिसूजा (गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री)
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2022 – साइरस मिस्त्री (टाटा संस के पूर्व चेयरमैन)
4 सितंबर इतिहास की दृष्टि से बेहद खास दिन है।
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इस दिन टाइटैनिक की खोज ने समुद्री विज्ञान को नया आयाम दिया।
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गूगल जैसी तकनीकी कंपनी की स्थापना ने दुनिया को डिजिटल युग में पहुंचाया।
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भारत और दुनिया में राजनीतिक, सामाजिक और प्राकृतिक घटनाओं ने इसे और भी ऐतिहासिक बना दिया।
यह तारीख हमें यह याद दिलाती है कि हर दिन मानव सभ्यता की नई कहानियाँ गढ़ता है।
